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GiveAway

सुरक्षा सुझाव

GiveAway पर लगभग हर लेन-देन दोस्ताना और आसान होता है। ये सुझाव इसे ऐसा ही बनाए रखने में मदद करते हैं — कृपया पहली बार चीज़ लेने से पहले इन्हें पढ़ें।

सबसे ज़रूरी नियम: मुफ़्त का मतलब मुफ़्त

GiveAway पर किसी चीज़ के लिए पैसे नहीं लगते। अगर कोई मुफ़्त चीज़ देने के बदले कुछ भी भुगतान माँगे, तो यह धोखा है — रुकें और रिपोर्ट करें।

  • कभी डिलीवरी, कूरियर, 'टोकन', बुकिंग या रजिस्ट्रेशन फ़ीस न दें।
  • कुछ पाने के लिए कभी QR कोड स्कैन न करें, UPI 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' मंज़ूर न करें और UPI PIN न डालें। UPI PIN का इस्तेमाल सिर्फ़ पैसे भेजने के लिए होता है।
  • किसी के साथ OTP, पासवर्ड या 2-चरणीय सत्यापन कोड कभी साझा न करें।
  • GiveAway की टीम कभी भी पैसे, OTP, पासवर्ड या बैंक विवरण नहीं माँगेगी।

इन आम धोखों से सावधान रहें

  • नक़ली कूरियर चार्ज — 'मैं कूरियर से भेज दूँगा, बस ₹99 शिपिंग दे दो।' असली देने वाले चीज़ ख़ुद हाथ में देते हैं।
  • QR कोड और पेमेंट रिक्वेस्ट की चाल — ₹1 का 'वेरिफ़िकेशन' भुगतान, या पैसे 'पाने' के लिए QR कोड। दोनों से पैसे आपके खाते से निकलते हैं।
  • OTP माँगना — 'बुकिंग कन्फ़र्म करने के लिए अभी भेजा कोड बताओ।' यह कोड आपके खातों या वॉलेट तक पहुँच देता है।
  • जल्दबाज़ी और दबाव — 'बहुत लोग चाहते हैं, रिज़र्व करने के लिए अभी पैसे दो।' GiveAway पर कभी रिज़र्वेशन फ़ीस नहीं लगती।
  • बहुत अच्छा होने का दिखावा — बिना किसी इतिहास वाले व्यक्ति द्वारा बिल्कुल नया फ़ोन या लैपटॉप। प्रोफ़ाइल, रिव्यू और 'सत्यापित' बैज देखें।
  • नक़ली लॉगिन लिंक — सिर्फ़ giveawayworld.online पर ही साइन इन करें। पासवर्ड डालने से पहले ऐड्रेस बार देखें।
  • दस्तावेज़ माँगना — दूसरे सदस्यों को आपके आधार, PAN या बैंक विवरण की कभी ज़रूरत नहीं होती।

आमने-सामने मिलना

  • सार्वजनिक या खुली जगह चुनें: बिल्डिंग का गेट, सोसाइटी का सिक्योरिटी डेस्क, मेट्रो स्टेशन या किसी व्यस्त दुकान का प्रवेश।
  • दिन का समय चुनें और किसी दोस्त या परिवार वाले को बताएँ कि आप कहाँ जा रहे हैं।
  • बड़ी चीज़ों के लिए किसी को साथ ले जाएँ और पहले से वाहन का इंतज़ाम करें।
  • अगर घर पर अकेले हैं, तो अजनबी को अंदर बुलाने की बजाय चीज़ दरवाज़े या गेट तक ले आएँ।
  • हैंडओवर की पुष्टि करने से पहले चीज़ जाँच लें।
  • अपनी समझ पर भरोसा करें। कुछ ग़लत लगे तो विनम्रता से रद्द कर दें — आपको कारण बताने की ज़रूरत नहीं।

देने वालों के लिए सुझाव

  • अपना पूरा पता किसी अनुरोध को स्वीकार करने के बाद ही, और सिर्फ़ निजी चैट में साझा करें।
  • फ़ोन, लैपटॉप और टैबलेट से अपना डेटा हटाएँ: सभी खातों से साइन आउट करें, फ़ैक्टरी रीसेट करें और SIM व मेमोरी कार्ड निकाल लें।
  • डिब्बों और दराज़ों से अपने नाम या पते वाले लेबल, बिल और काग़ज़ हटा दें।
  • चीज़ देते समय 4-अंकों का हैंडओवर कोड माँगें और तभी डालें जब पाने वाला आपके सामने हो।
  • आप बिना कारण बताए कोई भी अनुरोध अस्वीकार कर सकते हैं।

पाने वालों के लिए सुझाव

  • जाने से पहले चैट में सवाल पूछें: हालत, साइज़, चालू है या नहीं।
  • हो सके तो इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण लेते समय चलाकर देखें।
  • हेलमेट, पालना और कार सीट जैसी सुरक्षा वाली चीज़ों में दरार, टूटे हिस्से और बनने की तारीख़ ज़रूर देखें।
  • पुरानी चीज़ें, ख़ासकर बच्चों की, इस्तेमाल से पहले साफ़ करें और जाँचें।
  • अपना हैंडओवर कोड तभी बताएँ जब चीज़ आपके हाथ में हो।

समस्या की रिपोर्ट करें

किसी भी लिस्टिंग या प्रोफ़ाइल पर रिपोर्ट बटन इस्तेमाल करें। हमारी टीम हर रिपोर्ट की समीक्षा करती है; गंभीर रिपोर्ट पहले देखी जाती हैं, आमतौर पर कुछ घंटों में। आप support@giveawayworld.online पर भी लिख सकते हैं।

आपातकाल में 112 पर कॉल करें। अगर ऑनलाइन धोखाधड़ी में पैसे गए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

भारत में सुरक्षित रहें

हमारे मॉडरेटर भारत में सबसे ज़्यादा ये धोखाधड़ी देखते हैं:

  • UPI “कलेक्ट रिक्वेस्ट” और QR कोड। कुछ पाने के लिए कभी UPI PIN नहीं डालना होता और न कोड स्कैन करना होता है। अगर कोई “आपको पैसे देने” के लिए रिक्वेस्ट भेजे, तो उसे अस्वीकार करें।
  • “आर्मी ऑफ़िसर” या “ट्रांसफ़र हुआ कर्मचारी” जो मिल नहीं सकता और एडवांस या कूरियर फ़ीस माँगता है। असली देने और लेने वाले आमने-सामने मिलते हैं।
  • नकली KYC, बैंक या कूरियर कॉल जो OTP माँगते हैं या स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करने को कहते हैं। फ़ोन काट दें।
  • तुरंत WhatsApp पर बात करने की ज़िद। बातचीत GiveAway में ही रखें, ताकि कुछ गड़बड़ होने पर हमारी टीम मदद कर सके।

आपातकाल: 112। साइबर धोखाधड़ी: तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। सोसाइटी के गेट या सिक्योरिटी डेस्क पर मिलें, हो सके तो दिन में।