परीक्षा के बाद स्कूल की किताबें और यूनिफ़ॉर्म आगे दें
हर मार्च-अप्रैल में परिवार वही किताबें और यूनिफ़ॉर्म ख़रीदते हैं जो पास का कोई दूसरा परिवार फेंकने वाला होता है। इन्हें आगे देने से पैसा, काग़ज़ और समय बचता है।
क्या सबसे काम का है
- मौजूदा पाठ्यक्रम की किताबें — संस्करण देखें; NCERT और राज्य बोर्ड की किताबें कुछ सालों में ही बदलती हैं।
- एक कक्षा का पूरा सेट — अकेली किताबों से कहीं ज़्यादा काम का।
- बोर्ड परीक्षा और प्रवेश परीक्षाओं की संदर्भ किताबें और गाइड।
- अच्छी हालत की स्कूल यूनिफ़ॉर्म, जूते और बस्ते, ख़ासकर छोटी कक्षाओं के।
- स्टेशनरी — बिना इस्तेमाल की कॉपियाँ, ज्यामिति बॉक्स, रंग।
कब डालें
नतीजों के ठीक बाद — आमतौर पर मार्च से मई, आपके बोर्ड और स्कूल के हिसाब से। तभी परिवार खोज रहे होते हैं। विश्वविद्यालय और प्रतियोगी परीक्षा की किताबें परीक्षा ख़त्म होते ही डालें; अगला बैच तुरंत तैयारी शुरू करता है।
ऐसे लिखें कि सही परिवार ढूँढ ले
शीर्षक में कक्षा, बोर्ड, विषय और संस्करण वर्ष लिखें, जैसे: "कक्षा 8 NCERT पूरा सेट (2025–26), CBSE"। यूनिफ़ॉर्म के लिए स्कूल का नाम और साइज़ लिखें। विवरण में स्कूल का नाम ज़रूर लिखें — माता-पिता अक्सर उसी से खोजते हैं।
अगर आपको अगली कक्षा की किताबें चाहिए, तो सहेजी गई खोज का अलर्ट चालू करें (खोज पेज पर "मुझे बताएँ"): पास में कोई उन्हें देते ही आपको सूचना मिल जाएगी।
स्कूल या सोसाइटी का सर्कल इस्तेमाल करें
एक स्कूल या एक सोसाइटी के माता-पिता GiveAway पर सर्कल बना सकते हैं और इनवाइट लिंक क्लास के WhatsApp ग्रुप में भेज सकते हैं। सर्कल में डाली गई किताबें और यूनिफ़ॉर्म ठीक उन्हीं परिवारों को दिखती हैं जिन्हें उनकी ज़रूरत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ऐसी किताबें दे सकते हैं जिनमें नोट्स लिखे हैं?
हाँ — बस लिख दें। कई छात्रों को नोट्स और हाइलाइट मददगार लगते हैं।
कैसे पता करें कि पाठ्यक्रम बदला है या नहीं?
किताब के अंदर छपा संस्करण वर्ष देखें और स्कूल की सूची या बोर्ड की वेबसाइट से मिलाएँ। पक्का न हो तो सूची में वर्ष लिख दें।